अख़बार के आखर
अखबार के आखर
वो आज भी जिंदा हैं....
वो तब भी जिंदा था.......
वो कल भी जिंदा होगा......
यह तस्वीर पटना में मां गंगा घाट किनारे स्थित हैं...!
ज्ञान के पन्नों पर
कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं....
तारीखों के पन्नों पर
कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं.....
चंद सिक्को में खरीदा पर
कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं.....
चाय के नुक्कड़ों के ताज़गी पर
कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं.....
सूर्योदय की शुरूआत अक्षरों पर
कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं......!
✍️✍️
प्रशांत गौतम

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