जिस व्यक्ति के पीछे देश नहीं होता वह व्यक्ति व्यक्ति ना होकर भटकती जानवर की श्रेणी में उसे गिना जाता है।🇮🇳🙏
15 अगस्त 1947 विश्व पटल पर राजनैतिक, भौगोलिक परिदृश्य बदला था लगभग 200 वर्षों के अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चल रहे जंग से भारतीयों ने स्वाधीनता के आंगन में खुद को स्थापित किया। विश्व में अपनी अलग पहचान के लिए स्वयं को भारत स्वधीन देश के रूप में आगे बढ़ने को तैयार था। कभी विश्वगुरु ,समृद्धशाली सांस्कृतिक विरासत की जीता जागता देश आत्मनिर्भर की सूची में आर्थिक रूप से दुनिया के सबसे सबल राष्ट्रों की सूची में अग्रणी यह भारत भूमि फिर से दुनिया के लिए शांतिदूत विश्व गुरु बनकर विश्व को पुनः अपनी समृद्ध संस्कृति से नवजीवन देने को तैयार है। आज का दिन भारत स्वाधीनता के 76 वर्ष मना रहा है तथा आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव के रूप में पूरा देश खूब धूमधाम से इस दिन को याद कर रहे हैं विजयी विश्व तिरंगा प्यारा को गगन में फहराने की संवेदना लिए समस्त देशवासी खुद को आज के इस महोत्सव का हिस्सा मानकर अपना अपना योगदान देते हुए इसका सहभागी बनकर खुश है हमें यह भी समझना है की आजादी के अमृत महोत्सव तक हम भारत के लोग स्वयं पर कितना निर्भर हुए हैं। हम आत्मनिर्भर के दृष्टिकोण से कितने समृद्ध ह...