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मेरे सिवा कोई और मुझे भाता नहीं .....तेजस्वी यादव ने पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को मंच पर चढ़ने नहीं दिया

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बहुत समय पहले की बात नहीं हैं एकदम से पुराना हुआ खबर को निकालने की कोशिश कर रहा हूं देखिए कितना हद तक यह सही हो पाता हैं ........। तो अर्ज किया हैं ........... इरशाद इरशाद...... बिहार में एक बहुत बड़े वाले शातिर बतोलेबाज नेता हुआ करते थे जो अभी भी हैं लेकिन थोड़ा ठीक नहीं हैं उनके दो नुमाइंदों ने उनकी भरपाई के लिए कमर कस कर मैदान में उतर चुके थे। एक हैं रंगा तो दूसरा बिल्ला बिल्ला को हम बहुत अच्छा मानते हैं जो मन में होता हैं वो अपना कर देता हैं सब मिलकर राजनीतिक विवाह करा दिया वो भी कर लिया लेकिन जब नहीं चला तो छोड़ भी दिया अब जब जो पसंद थी उसके साथ रहना चाहता हैं तो सब मिलकर इसी को घर से बाहर का रास्ता निकाल दिया और तो और राजनीतिक रूप से भी अपंग बना कर छोड़ दिया गया लेकिन आदमी मस्त हैं अभी उसका संघर्ष के दिन जारी हैं। इसमें रंगा बहुत बड़ा मास्टरमाइंड हैं जिसमें अद्भुत प्रतिभा है कि जैसा गोल मटोल हैं वैसे हीं खूब गोल गोल बात करता हैं आजकल जलेबी की तरह सीधी घोषणा पत्र जारी करता हैं एवं गाय जैसी जनता को चारा चोरी की कहानी के फायदे बतलाता हैं रंगा इतना कमाल का हैं कि मौसम की...

अख़बार के आखर

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अखबार के आखर वो आज भी जिंदा हैं.... वो तब भी जिंदा था....... वो कल भी जिंदा होगा...... यह तस्वीर पटना में मां गंगा घाट किनारे स्थित हैं...! ज्ञान के पन्नों पर कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं.... तारीखों के पन्नों पर कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं..... चंद सिक्को में खरीदा पर कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं..... चाय के नुक्कड़ों के ताज़गी पर कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं..... सूर्योदय की शुरूआत अक्षरों पर कुछ ज्ञान जानने की तम्मन्ना हैं......! ✍️✍️ प्रशांत गौतम

अपनी पीढ़ियों के समक्ष शिव मलिक अपनी क क ह रा... की अभ्यास करते हुए।

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कोई आए और मेरे कालिख जैसे झोपड़ियों में कलम की स्याही फेंक दे मैं अमर हो जाऊंगा.......! ✍️प्रशांत गौतम✍️ ==================== 14अप्रैल भारत रत्न बाबा साहब भीम राव अंबेडकर   जी की 134वीं  जयंती समस्त भारतवर्ष मना रहा था उसी कड़ी में मुजफ्फरपुर स्थित चंद्रलोक बस्ती में युवा तरुणाई छोटे छोटे बचपनों कॉपी - कलम वितरण के माध्यम से उन बच्चों में सकारात्मक पहल की कोशिश की गई  सबको इक्कठा किया गया जहां वे सब दिन उनकी पाठशाला चलती है उसी अंदाज में बैठ गए थे। आदरपूर्ण बात ये रही कि जिनका भी आगमन उनके समीप होता सबको सभी बच्चे मिलकर नमस्ते 🙏से स्वागत 💐 करते उन्हें इस बात का एहसास था कि किसी बड़े या आगुंतकों के आने पर उनका अभिवादन करना हैं जिसका एक बेहद सुखद अनुभूति हम सबको मिला एवं यह पठन पाठन का परिणाम था।  सभी भारत भाग्य विधाताओं में पाठ्य सामग्री वितरण किया गया सबके चेहरे पर खुशी थी हम सब उनकी खुशी में शामिल थे क्योंकि हमें भी अच्छा लग रहा था। बाबा साहब की जय कारो से गूंज उठा वो मोहल्ला  भीम राव अंबेडकर जिंदाबाद....... किसी ने ठीक कहा हैं, मेरी झुग्गियों में...